
"कशमकश में हूँ उनको बताऊँ कैसे ,
कितना है सीने में प्यार मैं दिखाऊँ कैसे "
"लिख कर मैं कहूँ ,या होठो से कह दूँ ....
जताऊँ मैं उनको,या इशारा मैं कर दूँ ॥"
"राह मुझको दिखाओ यारो.....
या जाओ ,तुम ही उनको बता आओ यारो"
"उनसे कहना ,मुझे उन से प्यार बहुत है ॥
मेरी आँखों को उन के दरस कि प्यास बहुत है ...
कम है अल्फाज़ मेरे पास ,
पर दिल में चाहत का एहसास बहुत है ...
कई रिश्तो से घिरी हूँ मैं ,
पर suuna एक अपने के लिए मेरा जहाँ बहुत है ....
तू चाँद बन के उज्यारा फैला जा ,
अँधेरा मेरे जीवन में बहुत है ...."
"वादा भी लेना,के वह मुझ से मिलने एक बार आयेगा ॥
रखेगा जो दिल पे हाथ ,कितनी है मोहब्बत वह खुद जान जाएगा॥"
"यह ख़त फूलों में छिपा कर ले जाना यारों,
पैगाम है किसी का कह के थमा आना यारों"
ऋतू सरोहा